PM-KISAN Continuation 2026–27 to 2030–31: किसानों को मिलते रहेंगे ₹6,000 सालाना, पूरी जानकारी

PM-KISAN Yojana 2026: 2030-31 तक जारी रहेगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को वित्तीय वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।

सरकार ने इस अवधि के लिए PM-KISAN योजना के तहत कुल ₹3.15 लाख करोड़ के वित्तीय परिव्यय को मंजूरी दी है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को पहले की तरह ₹6,000 प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है।

PM-KISAN भारत सरकार की प्रमुख किसान सहायता योजनाओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को कृषि संबंधी खर्चों और घरेलू जरूरतों के लिए आय सहायता उपलब्ध कराना है।

इस लेख में हम जानेंगे कि PM-KISAN योजना 2026–31 क्या है, किसानों को कितना पैसा मिलेगा, किसे लाभ मिलेगा, किस्त कितनी होगी, e-KYC क्यों जरूरी है, पात्रता क्या है, किन किसानों को लाभ नहीं मिलेगा और PM-KISAN का स्टेटस कैसे चेक करें।


PM-KISAN योजना क्या है?

PM-KISAN का पूरा नाम Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi यानी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि है।

यह भारत सरकार की Central Sector Scheme है, जिसमें पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के तहत पात्र किसान परिवार को ₹6,000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं। यह राशि तीन समान किस्तों में यानी ₹2,000-₹2,000 करके सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

PM-KISAN योजना दिसंबर 2018 से प्रभावी है और फरवरी 2019 में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। योजना की फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा की जाती है।


PM-KISAN को 2030–31 तक जारी रखने का फैसला

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को PM-KISAN योजना को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।

इस अवधि के लिए कुल ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय परिव्यय स्वीकृत किया गया है।

इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में पात्र किसानों के लिए PM-KISAN के तहत मिलने वाली वार्षिक आर्थिक सहायता की व्यवस्था जारी रहेगी।

हालांकि योजना की मौजूदा मूल सहायता ₹6,000 प्रति वर्ष ही है। 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी को ₹6,000 से अधिक नई वार्षिक राशि की घोषणा के रूप में नहीं समझना चाहिए।


किसानों को हर साल कितने रुपये मिलेंगे?

PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवारों को:

₹6,000 प्रति वर्ष

की सहायता मिलती है।

यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है:

किस्त सहायता राशि
पहली किस्त ₹2,000
दूसरी किस्त ₹2,000
तीसरी किस्त ₹2,000
कुल वार्षिक सहायता ₹6,000

किस्तें योजना के निर्धारित चक्र के अनुसार DBT के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती हैं।


PM-KISAN की तीन किस्तें कब मिलती हैं?

PM-KISAN की वार्षिक सहायता को तीन किस्तों में बांटा गया है।

सामान्य रूप से योजना का वित्तीय चक्र तीन चार-महीने की अवधियों में चलता है:

  • अप्रैल से जुलाई
  • अगस्त से नवंबर
  • दिसंबर से मार्च

हर पात्र लाभार्थी को निर्धारित शर्तें पूरी होने पर संबंधित अवधि में ₹2,000 की किस्त मिल सकती है।

किस्त की वास्तविक रिलीज तारीख सरकार द्वारा अलग-अलग समय पर घोषित की जाती है।


PM-KISAN 2026 में कौन पात्र है?

PM-KISAN के तहत मुख्य रूप से ऐसे भूमि-धारक किसान परिवार पात्र होते हैं जो योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।

PM-KISAN में किसान परिवार की परिभाषा सामान्य रूप से:

पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे

के रूप में की गई है।

राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन उपलब्ध भूमि रिकॉर्ड तथा अन्य निर्धारित जानकारी के आधार पर पात्र किसान परिवारों की पहचान करते हैं।

इसलिए केवल खेती करने वाला व्यक्ति होना पर्याप्त नहीं है। योजना की सभी पात्रता और exclusion conditions पूरी करना आवश्यक है।


PM-KISAN के लिए जरूरी शर्तें

PM-KISAN का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान का रिकॉर्ड सरकारी सिस्टम में सही होना आवश्यक है।

कुछ महत्वपूर्ण चीजें हैं:

  • भूमि रिकॉर्ड सही और अपडेट होना
  • लाभार्थी का विवरण सरकारी रिकॉर्ड में होना
  • बैंक खाते की जानकारी सही होना
  • आधार से संबंधित विवरण सही होना
  • e-KYC पूरा होना
  • योजना की exclusion categories में शामिल न होना

सरकार ने लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया में डिजिटल सत्यापन तथा आधार आधारित authentication का उपयोग किया है।


PM-KISAN e-KYC क्यों जरूरी है?

e-KYC PM-KISAN लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है।

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार registered farmers के लिए e-KYC mandatory है। वर्तमान में biometric-based e-KYC की सुविधा CSC VLE, PM-KISAN Mobile Application और अधिकृत राज्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है।

e-KYC का उद्देश्य सही लाभार्थी की पहचान करना और गलत या अपात्र खातों में भुगतान को रोकना है।

यदि किसी किसान की e-KYC पूरी नहीं है, तो उसे अपनी स्थिति जांचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।


PM-KISAN में कौन-कौन लोग लाभ नहीं ले सकते?

PM-KISAN में कुछ श्रेणियों को योजना के लाभ से बाहर रखा गया है।

आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार कुछ प्रमुख exclusion categories में शामिल हैं:

1. Institutional Land Holders

ऐसे संस्थागत भूमि धारक योजना के लिए पात्र नहीं होते।

2. संवैधानिक पदों पर रहने वाले व्यक्ति

वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पद धारक कुछ निर्धारित परिस्थितियों में पात्र नहीं होते।

3. मंत्री और कुछ निर्वाचित पदाधिकारी

वर्तमान/पूर्व मंत्री तथा कुछ निर्धारित निर्वाचित पदों पर रहने वाले व्यक्ति exclusion category में आते हैं।

4. सरकारी कर्मचारी

केंद्र या राज्य सरकार के कई वर्तमान/सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी योजना से बाहर हैं।

हालांकि कुछ निर्धारित श्रेणियों जैसे Multi Tasking Staff/Class IV/Group D के लिए नियम अलग हैं।

5. अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी

निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹10,000 या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी पात्र नहीं होते।

6. Income Tax Payers

जो व्यक्ति पिछले assessment year में income tax का भुगतान कर चुके हैं, वे सामान्यतः PM-KISAN लाभ के लिए पात्र नहीं होते।

7. कुछ Registered Professionals

Doctors, Engineers, Lawyers, Chartered Accountants और Architects जैसे registered professionals जो अपना profession practice कर रहे हैं, exclusion category में आते हैं।


PM-KISAN में ₹3.15 लाख करोड़ का बजट क्यों महत्वपूर्ण है?

सरकार ने 2026–27 से 2030–31 तक योजना को जारी रखने के लिए ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय परिव्यय मंजूर किया है।

यह लंबी अवधि के लिए PM-KISAN को जारी रखने का सरकारी निर्णय है।

योजना के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है और DBT व्यवस्था के कारण राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।


PM-KISAN की राशि का इस्तेमाल किसान किस काम में कर सकते हैं?

PM-KISAN के तहत मिलने वाली राशि किसान परिवार के लिए आय सहायता के रूप में उपलब्ध होती है।

किसान इस सहायता का उपयोग अपनी आवश्यकता के अनुसार कृषि संबंधी खर्चों में कर सकते हैं, जैसे:

  • बीज
  • खाद
  • सिंचाई से जुड़े खर्च
  • कृषि उपकरण
  • खेती की अन्य आवश्यकताएं

सरकार के अनुसार योजना से मिलने वाली सहायता ने किसानों को कृषि निवेश के लिए समय पर धन उपलब्ध कराने में मदद की है।


PM-KISAN की राशि कैसे मिलती है?

PM-KISAN की राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

इस व्यवस्था में:

किसान का सत्यापित रिकॉर्ड → डिजिटल सत्यापन → DBT → बैंक खाता

के माध्यम से भुगतान किया जाता है।

आधार आधारित authentication और डिजिटल beneficiary verification का उपयोग योजना में किया जाता है।


PM-KISAN Status कैसे चेक करें?

किसान अपना PM-KISAN status आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

इसके लिए:

  1. PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. Know Your Status विकल्प पर जाएं।
  3. मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
  4. OTP/अन्य आवश्यक verification पूरा करें।
  5. अपना beneficiary/payment status देखें।

PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर Know Your Status, Beneficiary List, New Farmer Registration, Update Mobile Number और अन्य Farmer Corner सेवाएं उपलब्ध हैं।


PM-KISAN Beneficiary List कैसे देखें?

लाभार्थी सूची देखने के लिए किसान PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध Beneficiary List सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव जैसी जानकारी के आधार पर उपलब्ध सूची में अपना नाम खोजा जा सकता है।

यदि नाम नहीं दिखाई देता है, तो किसान को अपने भूमि रिकॉर्ड, e-KYC और beneficiary status की जांच करनी चाहिए।


PM-KISAN में नया Registration कैसे करें?

यदि कोई किसान PM-KISAN की पात्रता पूरी करता है लेकिन योजना में पंजीकृत नहीं है, तो वह आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध New Farmer Registration सुविधा के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

सामान्य रूप से किसान को अपनी पहचान, भूमि और बैंक खाते से संबंधित सही जानकारी देनी होती है।

आवेदन के बाद संबंधित सरकारी व्यवस्था द्वारा जानकारी का सत्यापन किया जाता है।

गलत जानकारी देने या अपात्र होने की स्थिति में लाभ रोका जा सकता है।


PM-KISAN में जमीन का रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है?

PM-KISAN का लाभ भूमि-धारक किसान परिवारों से जुड़ा हुआ है। इसलिए भूमि रिकॉर्ड योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि:

  • जमीन का नामांतरण अपडेट नहीं है,
  • भूमि रिकॉर्ड में नाम गलत है,
  • परिवार की भूमि संबंधी जानकारी अपडेट नहीं है,

तो लाभार्थी सत्यापन में समस्या हो सकती है।

ऐसी स्थिति में किसान को अपने संबंधित राजस्व विभाग/पटवारी/तहसील कार्यालय से भूमि रिकॉर्ड की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।


PM-KISAN में एक परिवार के कितने सदस्यों को लाभ मिलेगा?

PM-KISAN में परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों पर आधारित है।

एक ही किसान परिवार के एक से अधिक सदस्यों के नाम पर गलत तरीके से लाभ लेने की स्थिति में भुगतान रोका जा सकता है।

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे suspected cases का उल्लेख है जहां एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य लाभ प्राप्त कर रहे हों; ऐसे मामलों में physical verification तक लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।


PM-KISAN में बैंक खाता सही होना क्यों जरूरी है?

किस्त सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

इसलिए किसान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:

  • बैंक खाता सक्रिय हो
  • बैंक खाते की जानकारी सही हो
  • नाम और अन्य विवरण में आवश्यकतानुसार मिलान हो
  • बैंक/आधार से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी हो

यदि payment failed दिखता है तो किसान को PM-KISAN portal पर status देखकर समस्या का कारण जानना चाहिए।


PM-KISAN योजना 2026–31 के प्रमुख फायदे

PM-KISAN को 2030–31 तक जारी रखने से पात्र किसान परिवारों को नियमित आय सहायता की व्यवस्था आगे भी मिलती रहेगी।

मुख्य बिंदु:

₹6,000 वार्षिक सहायता

पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है।

DBT भुगतान

राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

डिजिटल सत्यापन

आधार आधारित authentication और डिजिटल verification का उपयोग किया जाता है।

कृषि निवेश में सहायता

किसान सहायता राशि का उपयोग बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि आवश्यकताओं में कर सकते हैं।

लंबी अवधि की निरंतरता

सरकार ने योजना को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।


PM-KISAN 2026–31: महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में

जानकारी विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
English Name PM-KISAN
योजना की शुरुआत 2018
लाभ ₹6,000 प्रति वर्ष
किस्त ₹2,000 × 3
भुगतान Direct Benefit Transfer
नई मंजूरी 2026–27 से 2030–31
कुल वित्तीय परिव्यय ₹3.15 लाख करोड़
e-KYC अनिवार्य
लाभार्थी पात्र भूमि-धारक किसान परिवार
आधिकारिक पोर्टल PM-KISAN
मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

PM-KISAN 2026 FAQs

Q1. PM-KISAN योजना 2030–31 तक जारी रहेगी?

हां। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

Q2. PM-KISAN में कितने रुपये मिलते हैं?

पात्र किसान परिवार को ₹6,000 प्रति वर्ष मिलते हैं।

Q3. ₹6,000 कितनी किस्तों में मिलते हैं?

₹6,000 को तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके दिया जाता है।

Q4. PM-KISAN की e-KYC जरूरी है?

हां। PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार registered farmers के लिए e-KYC mandatory है।

Q5. PM-KISAN में नया Registration कैसे करें?

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर New Farmer Registration सुविधा उपलब्ध है। किसान वहां से registration की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

Q6. PM-KISAN का Status कैसे चेक करें?

आधिकारिक PM-KISAN वेबसाइट पर Know Your Status विकल्प के माध्यम से beneficiary और payment status चेक किया जा सकता है।

Q7. PM-KISAN का पैसा किस खाते में आता है?

स्वीकृत लाभार्थी की जानकारी के अनुसार सहायता राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

Q8. क्या PM-KISAN की राशि बढ़ाकर ₹12,000 कर दी गई है?

नहीं। 2026–27 से 2030–31 तक योजना जारी रखने की मंजूरी ₹6,000 वार्षिक सहायता को ₹12,000 करने की घोषणा नहीं है। वर्तमान आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र किसान परिवारों के लिए वार्षिक सहायता ₹6,000 है।

निष्कर्ष

PM-KISAN Continuation 2026–27 to 2030–31 किसानों के लिए महत्वपूर्ण सरकारी अपडेट है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वित्तीय वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है और इस अवधि के लिए ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय परिव्यय स्वीकृत किया है।

योजना के तहत पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ₹6,000 प्रति वर्ष, तीन समान किस्तों में मिलते रहेंगे। भुगतान DBT के माध्यम से बैंक खाते में किया जाता है और e-KYC लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अनिवार्य प्रक्रिया है।

किसानों को अपनी e-KYC, भूमि रिकॉर्ड, बैंक खाते और PM-KISAN beneficiary status की जानकारी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए। किसी भी समस्या के लिए केवल आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय से संपर्क करना उचित है।